कार्यक्रम: मेरे आवास – एक फलदार पेड़ का प्रवास
लेखक: dnsmemorialtrust
तिथि: 27 अक्टूबर 2023
प्रकृति से प्रेम और हरियाली का संकल्प
Late Deena Nath Singh Memorial Trust द्वारा संचालित “मेरे आवास – एक फलदार पेड़ का प्रवास” कार्यक्रम केवल वृक्षारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है। इस पहल के अंतर्गत यह संदेश निरंतर दिया जा रहा है कि जब तक पेड़ सुरक्षित रहेंगे, लगाए गए वृक्षों का संरक्षण होगा और उनका लालन-पालन किया जाएगा, तभी हमारी धरती हरी-भरी और जीवनदायिनी बनी रहेगी।
जनआवाज़ के रूप में प्रेरक अनुभव
कार्यक्रम से जुड़ी एक प्रेरक अनुभूति राकेश सिंह परमार द्वारा साझा की गई, जिसमें उन्होंने “हरा है तो भरा है” के भाव को रेखांकित किया। उनके संदेश में यह स्पष्ट रूप से सामने आता है कि अंधाधुंध पेड़ कटाई से प्रकृति को होने वाले नुकसान को रोकना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर जोर देना ही इस अभियान की आत्मा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण मिल सके।
पर्यावरण संरक्षण की सामाजिक चेतना
इस प्रकार के संदेश समाज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं। जब आम नागरिक अपने अनुभव और विचार साझा करते हैं, तो वह दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। “मेरे आवास – एक फलदार पेड़ का प्रवास” कार्यक्रम इसी सामाजिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
संबंधित यूट्यूब वीडियो
इस कार्यक्रम से जुड़े अनुभव और प्रकृति संरक्षण का संदेश यूट्यूब वीडियो के माध्यम से भी साझा किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस विचारधारा से जुड़ सकें।
आभार एवं संकल्प
Late Deena Nath Singh Memorial Trust प्रकृति प्रेम और संरक्षण का संदेश साझा करने वाले सभी सहयोगियों और सहभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है। ट्रस्ट यह संकल्प लेता है कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों के माध्यम से पर्यावरण सुरक्षा, हरियाली और ग्रामीण भारत के सतत विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।