रेवती विकासखंड अंतर्गत पचरूखा देवी मंदिर के प्रांगण में ओपन व्यायामशाला की स्थापना

रेवती विकासखंड अंतर्गत पचरूखा देवी मंदिर के प्रांगण में ओपन व्यायामशाला की स्थापना

 

पचरूखा देवी मंदिर प्रांगण में ओपन व्यायामशाला की स्थापना

स्व. सुशील सिंह की छठवीं पुण्यतिथि पर एक प्रेरणादायक पहल

रेवती विकासखंड के अंतर्गत स्थित पचरूखा देवी मंदिर के प्रांगण में स्वर्गीय सुशील सिंह की छठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक ओपन व्यायामशाला (खुली जिम) की स्थापना की गई। यह कार्यक्रम सादगी, श्रद्धा और सामाजिक उद्देश्य के साथ संपन्न हुआ।

इस अवसर पर स्व. सुशील सिंह की धर्मपत्नी एवं पूर्व प्रधान चंद्रावती सिंह द्वारा फीता काटकर व्यायामशाला का विधिवत उद्घाटन किया गया।

 


 

स्वास्थ्य और समाज सेवा को समर्पित पहल

स्व. सुशील सिंह अपने जीवनकाल में समाज के दबे-कुचले, गरीब और पीड़ित वर्ग की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहे। उन्हीं के विचारों और मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए यह ओपन व्यायामशाला ग्रामीणों के स्वास्थ्य, फिटनेस और जागरूक जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।

यह व्यायामशाला:

  • युवाओं को नशे से दूर रखकर स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करेगी

  • बुज़ुर्गों और ग्रामीणों को नियमित व्यायाम का अवसर देगी

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने में सहायक होगी

 


 

विशिष्ट जनों की उपस्थिति और विचार

इस अवसर पर स्व. सुशील सिंह के भतीजे एवं मुरादाबाद मंडल के अपर रेल प्रबंधक श्री निर्भय नारायण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि

“बलिया जनपद के विकास के लिए मेरे मन में सदैव लालसा रहती है। यह व्यायामशाला क्षेत्रवासियों के लिए दीर्घकालीन लाभकारी सिद्ध होगी।”

 

उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस व्यायामशाला का अधिकतम उपयोग करें और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहभागी बनें।

 


 

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर कई सम्मानित एवं सामाजिक व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • पूर्व प्रधान यादवेंद्र सिंह

  • अभिषेक सिंह

  • आशीष सिंह

  • संतोष सिंह

  • पूर्व जिला पंचायत सदस्य राणा प्रताप यादव

  • दादी संजय सिंह

  • लोकगायक अजीत सिंह

  • गोलू, संदीप ओझा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

 


 

समाज के लिए स्थायी योगदान

यह ओपन व्यायामशाला केवल एक संरचना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन की प्रेरणा देगी।

 


 

स्वस्थ शरीर, सशक्त समाज

श्रद्धांजलि के साथ समाज सेवा का एक सार्थक उदाहरण

 

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