लेखक: dnsmemorialtrust
दिनांक: 29 जनवरी 2025
संविधान, संकल्प और कर्तव्य का पर्व
गणतंत्र दिवस
हमारे राष्ट्र के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों
और नागरिक कर्तव्यों का प्रतीक है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि
स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं,
बल्कि उत्तरदायित्व भी है।
वरिष्ठों एवं युवाओं से संवाद
इस अवसर पर सम्मानित वरिष्ठजनों एवं
प्रिय कनिष्ठ साथियों के बीच
गणतंत्र दिवस की झलकियों के साथ
संवाद स्थापित किया गया।
अपने संबोधन के माध्यम से
युवाओं से यह आग्रह किया गया कि
वे संविधान के मूल्यों को समझें, अपनाएँ
और अपने आचरण में उतारें।
भाषण का संदेश
भाषण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि—
संविधान का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक है
शिक्षा, अनुशासन और संवेदनशीलता ही मजबूत भारत की नींव हैं
सार्थक संवाद तभी संभव है
जब हम ध्यानपूर्वक सुनें और समझें।
प्रेरणा और उत्तरदायित्व
गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं,
बल्कि आत्ममंथन का अवसर है—
हम अपने देश के लिए क्या कर रहे हैं,
और आगे क्या कर सकते हैं।
यही भावना इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य रही।
कार्यक्रम की वीडियो