लेखक: dnsmemorialtrust
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परिचय
मैं निर्भय हूँ। मेरा विश्वास है कि परहित सरिस धर्म नहीं भाई अर्थात् सेवा से बड़ा धर्म नहीं है। सेवा करने के लिए किसी पद, पार्टी या संसाधन की आवश्यकता नहीं होती, केवल नेक नीयत और सच्चे भाव चाहिए। यही भावना आज के समाज में दुर्लभ है, और यही कारण है कि मुझे बार-बार अपने जिले और क्षेत्र की ओर खींचा जाता है, ताकि वहाँ सकारात्मक परिवर्तन और समाजोपयोगी कार्य हो सकें।
सेवा का उद्देश्य
यह प्रयास बदलाव और व्यवस्था परिवर्तन के लिए है। हमारा उद्देश्य है कि समाज में अच्छे लोग प्रेरित हों और ज़िले एवं क्षेत्र में सकारात्मक कार्य सामने आएँ।
भारत सरकार की सर्वोच्च परीक्षा IAS पास करके पिछले 23 वर्षों से अपने दायित्व सफलतापूर्वक निभा रहा हूँ, लेकिन जो आनंद अपनों की सेवा करके मिलता है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
प्रेरणा और संकल्प
अभी तक मेरी सेवा का अनुभव 10 वर्षों से अधिक है। आपके स्नेह और आशीर्वाद से मुझे निरंतर कुछ करने की प्रेरणा मिलती रहती है। मेरा निःस्वार्थ सेवा का संकल्प जारी रहेगा, और मुझे विश्वास है कि आपका आशीर्वाद हमेशा मिलता रहेगा।















